क्या आप अपनी धमनियों को खोल सकते हैं?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 10:25

ऐसे साफ करें अपनी धमनियों के ब्लॉकेज! हार्ट की परेशानी को दूर करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

जीवन शैली में आ रहे बदलाव व खानपान में अनियमितता सहित कई कारण आज हमारे शरीर में रोगों को बढ़ावा दे रहे हैं। इन्हीं में से एक समस्या है हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी वे समस्याएं जिनके चले ह्दय में अत्यधिक दबाव के चलते कई बार मौत तक आ जाती है।

जानकारों के अनुसार जीवनशैली में बदलाव और चिकित्‍सा उपचारों में परिवर्तन से हार्ट अटैक की शुरुआत को इनकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन हृदय रोग के लगभग 80 प्रतिशत मामलों को जीवन शैली में परिवर्तन करके रोका जा सकता है। ऐसी ही एक समस्या है रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज का आना...

आयुर्वेद डॉ. राजकमार के अनुसार शरीर के विभिन्न हिस्सों की रक्त वाहिकाओं बंद होने के कारण कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं जैसे कोरोनरी धमनी रोग, मन्या धमनी रोग, परिधीय धमनी रोग और यहां तक कि दिल का दौरा या स्‍ट्रोक हो सकता है। इसलिए इसका समय पर निदान बहुत महत्‍वपूर्ण होता है।

दरअसल हमारी आयु बढ़ने के साथ, शरीर के विभिन्न हिस्सों की रक्त वाहिकाओं भरने के कारण कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं जैसे कोरोनरी धमनी रोग, मन्या धमनी रोग, परिधीय धमनी रोग और यहां तक कि दिल का दौरा या स्‍ट्रोक पैदा हो सकती है।

बंद धमनियों का धीरे-धीरे और उत्तरोत्तर विकास होता है, इसलिए इसका समय पर निदान बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। आधुनिक दवाएं और उपचारों के साथ ही घरेलू उपचार बिगड़ती हुई स्थिति को रोकने और गंभीर हृदय रोग के जोखिम को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

हालांकि भरी हुई धमनियां में तब तक किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई नहीं देते, जब तक कि समस्‍या गंभीर नहीं हो जाती। इसके लक्षणों में सीने में दर्द (एनजाइना), सांस की तकलीफ, दिल की धड़कन तेज होना, कमजोरी, चक्कर आना, भूख, चिंता, मतली और पसीना आदि शामिल हैं।

विभिन्न प्रकारों में भरी हुई धमनियों से संबंधित अन्य लक्षणों में पैर में दर्द, पैरों का ठंडा होना, बॉडी की एक तरफ सून हो जाना, एक हाथ या एक पैर को उठना मुश्किल होना और एक आंख की रोशनी खोना शामिल है।

आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार रक्त धमनियों में आ रही रुकवटों के मामले में कई ऐसी चीजें हैं, जो इन्हें दूर करने में मदद करती हैं। और इन के लिए बहुत ज्यादा परेशान होने की भी जरूरत इसलिए नहीं होती, क्योंकि एक तो ये आसानी से बाजार में मिल जाती हैं, या अधिकांश घरों में किसी न किसी स्थिति में इनका प्रयोग भी होता है।

1. लहसुन : लहसुन बंद धमनियों साफ करने के लिए सबसे अच्‍छे उपचारों में से एक है। यह रक्‍त वाहिकाओं को चौड़ा करने और रक्त परिसंचरण में सुधार में मदद करता है।

2007 में बर्मिंघम में अलबामा यूनिवर्सिटी में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, लहसुन रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचने में मदद करती है। इसके अलावा, लहसुन खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और दिल के दौरे या स्ट्रोक का खतरा कम करने में मदद करता है।

ये करें: समस्‍या होने पर तीन लहसुन की कली को काटकर एक कप दूध में मिलाकर उबाल लें। थोड़ा सा ठंडा होने पर इसे सोने से पहले पीयें। इसके अलावा, अपने आहार में लहुसन को शामिल करें।
करक्यूमिन, हल्‍दी का मुख्‍य घटक, में एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेंटरी गुण ब्‍लड प्‍लेटलेट्स को थक्‍के बनने से रोकने में मदद करता है। इसके अलावा, हल्‍दी का अर्क कम घनत्व लिपो प्रोटीन (एलडीएल), या 'खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने, धमनियों को बंद होने से रोकने में मदद करता है।
साथ ही यह रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाकर दिल का दौरा या स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद करता हैं। इसके लिए ए‍क गिलास गुनगुने दूध में एक चम्‍मच हल्‍दी पाउडर और थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में एक या दो बार सेवन करें। इसके अलावा अपने आहार में हल्‍दी पाउडर को शामिल करें।


3. लाल मिर्च : लाल मिर्च में मौजूद कैप्‍सेसिन नामक तत्‍व खराब कोलेस्ट्रॉल, या एलडीएल ऑक्सीकरण से बचाता है। यह रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जो बंद धमनियों के मुख्य कारणों में से एक है।

इसके अलावा यह ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार करने और दिल के दौरे और स्‍ट्रोक का खतरा कम करने में मदद करता है। गर्म पानी के एक कम में आधा या एक चम्‍मच लाल मिर्च मिलाकर, कुछ हफ्तों के लिए इसे नियमित रूप से लें। इसके अलावा आप चिकित्‍सक की सलाह से लाल मिर्च के सप्‍लीमेंट भी ले सकते हैं।

यह बंद धमनियों को साफ रखने और समग्र दिल के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। इसके अलावा, अलसी में मौजूद बहुत अधिक मात्रा में फाइबर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बांधकर बंद धमनियों को साफ करने में मदद करता है।

इसे इस्‍तेमाल करने के लिए आप एक चम्‍मच अलसी के बीज की नियमित रूप से पानी के साथ लें। इसके अलावा आप इसको जूस, सूप या स्‍मूदी में मिलाकर भी ले सकते हैं।

5. अनार : अनार में गुणकारी फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप धमनियों की परत की किसी प्रकार की क्षति से रक्षा करते हैं।

2005 में नेशनल अकादमी ऑफ साइंस में छपे एक अध्ययन के अनुसार, एंटीऑक्सीडेंट युक्त अनार का रस शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाता है, जो धमनियों को खुला रखने तथा रक्त को ठीक प्रकार बहने में मदद करता है।

आप 1 ताजे अनार को नियमित रूप से खायें। इसके अलावा आप नियमित रूप से दिन में एक बार अनार का जूस भी पी सकते हैं।


6. नींबू : नींबू विटामिन सी से भरपूर ए‍क शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट है, जो रक्तचाप में सुधार लाने और धमनियों की सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, नींबू ब्‍लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और रक्त प्रवाह में ऑक्‍सीडेटिंव के नुकसान को रोककर धमनियों को साफ करता हैं।
इसके लिए आप गुनगुने पानी के एक गिलास में थोड़ा सा शहद, काली मिर्च पाउडर और एक नींबू का रस मिलाकर, कुछ हफ्तों के लिए दिन में एक या दो बार लें।

7. अदरक : अदरक धमनियों को साफ करने वाला एक और कारगर उपाय है। इसमें मौजूद गिंगरोल और शोगोल जैसे तत्‍व हृदय रोग में बहुत लाभकारी होते हैं।

इसके अलावा अदरक कुल कोलेस्ट्रॉल कम करने और एलडीएल के ऑक्सीकरण को अवरुद्ध करके मौजूदा प्‍लॉक को कम करने में मदद करता है। इसके लिए आप नियमित रूप से दिन में 2 से 3 कप अदरक की चाय लें। या अदरक का छोटा सा टुकड़ा नियमित रूप से खाली पेट लें।

8. मेथी के बीज : आप बंद धमनियों के इलाज के लिए मेथी के बीज का उपयोग कर सकते हैं। इन बीजों में मौजूद सैपोनिन धमनी को बंद करने वाले एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, मेथी के बीज में फाइबर की उच्‍च मात्रा खराब कोलेस्‍ट्रॉल के स्तर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए मेथी के बीज का एक चम्‍मच रात भर थोड़ से पानी में भिगोकर, सुबह खाली पेट पानी के साथ बीज को भी खा लें।

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